श्रीनगर: 28 अप्रैल 2025 (टीम)
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 पर्यटकों की नृशंस हत्या करने वाले आतंकवादी अब भी दक्षिण कश्मीर के घने जंगलों में छिपे हुए हैं। पिछले पांच दिनों में सुरक्षा बलों ने कम से कम दो बार इन आतंकियों को लोकेट किया है और उन्हें घेरने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, आतंकियों को सबसे पहले अनंतनाग जिले के अश्मुकाम नगर पालिका के हापतनार गांव के पास देखा गया था। एक मौके पर सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ भी हुई थी, लेकिन आतंकी घने जंगलों का फायदा उठाकर फरार हो गए। खुफिया सूचनाओं और स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बल लगातार आतंकियों की तलाश कर रहे हैं।
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह चूहे और बिल्ली के खेल की तरह है। आतंकियों को कई बार स्पष्ट रूप से देखा गया है, लेकिन जंगलों की घनी बनावट के कारण वे भाग निकलते हैं। हमें पूरा विश्वास है कि जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।” इंडियन आर्मी, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बैसरन घाटी और उसके आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। हमले को अंजाम देने वाले चार आतंकवादियों में से दो स्थानीय और दो पाकिस्तानी हैं।
सुरक्षा बलों ने बताया कि दूसरी बार आतंकियों को कुलगाम के जंगलों में देखा गया था, जहां एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हुई, मगर आतंकी बच निकले। फिलहाल उनके त्राल और कोकेरनाग के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ रोधी तंत्र को भी मजबूत किया गया है। सीमाओं पर हाई अलर्ट है ताकि आतंकी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भाग न सकें। आतंकवादी बेहद सतर्कता से भोजन और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था कर रहे हैं, जिससे उनका पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। एक अधिकारी ने बताया, “हाल ही में हमें जानकारी मिली कि आतंकी रात के समय एक गांव पहुंचे थे, वहां एक घर में घुसकर भोजन लिया और तुरंत भाग गए। जब तक सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे, तब तक वे फरार हो चुके थे।”
सूत्रों के मुताबिक, किश्तवाड़ रेंज में इस साल कम बर्फबारी हुई है, जिससे आतंकियों के लिए जम्मू की ओर निकलने के रास्ते भी खुले हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि वे अभी भी दक्षिण कश्मीर के इलाके में ही हैं। सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि आतंकवादी जल्द कोई चूक करेंगे और उन्हें निष्क्रिय किया जा सकेगा। तलाशी और घेराबंदी अभियान पूरे जोर-शोर से जारी है।
ख़बरें और भी…